Thursday, 27 August 2015

कानपुर सहित आठ मेडिकल कालेजों की मान्यता पर संकट

-एमसीआई ने जीएसवीएम को दिया नोटिस
-सात निजी कालेजों में प्रवेश पर लगी पाबंदी
राज्य ब्यूरो, लखनऊ
गणेश शंकर विद्यार्थी स्मारक (जीएसवीएम) चिकित्सा महाविद्यालय, कानपुर सहित राज्य के आठ मेडिकल कालेजों की मान्यता पर संकट छा गया है। भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई) ने जीएसवीएम को मान्यता समाप्ति का नोटिस दिया है। साथ ही सात निजी मेडिकल कालेजों में तो प्रवेश पर ही पाबंदी लगा दी गयी है।
जानकारी के मुताबिक साठ साल पुराने कानपुर मेडिकल कालेज की मान्यता एक बार फिर खतरे में है। चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे इस कालेज को भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई) ने मान्यता समाप्ति की नोटिस दी है। बताया गया कि यह स्थिति शिक्षकों की अत्यधिक कमी के कारण आयी है। एमसीआई की टीम को हर विभाग में शिक्षक कम मिले, किन्तु मेडिसिन व नाक-कान-गला विभाग में तो एक भी प्रोफेसर नहीं है। इसके अलावा हर विभाग में शिक्षक कम हैं। यह कमी राज्य के अन्य मेडिकल कालेजों को मान्यता दिलाने के चक्कर में आयी है। हालात ये हैं कि 13 राज्य के सरकारी मेडिकल कालेजों में से कन्नौज, जालौन, बांदा, अम्बेडकर नगर के प्राचार्य कानपुर से ही स्थानांतरित कर भेजे गए हैं। इसके अलावा दर्जनों प्रोफेसरों व शिक्षकों की नियुक्ति भी कानपुर से स्थानांतरण कर की गयी है।
इसके अलावा आधारभूत ढांचे में कमजोरी पाए जाने पर एमसीआई ने राज्य के सात निजी मेडिकल कालेजों में प्रवेश पर पाबंदी लगा दी है। इनमें लखनऊ के कैरियर व इंटिग्र्रल मेडिकल कालेज, फिरोजाबाद का एफएच मेडिकल कालेज, फर्रूखाबाद का मेजर एसडी सिंह मेडिकल कालेज, बाराबंकी का मेयो मेडिकल कालेज, बरेली का राजश्री मेडिकल कालेज, गाजियाबाद का रामा मेडिकल कालेज शामिल हैं। यह स्थिति तब है, जबकि इस समय सभी कालेजों में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है।
बढ़ भी गयीं 637 सीटें
एमसीआई ने इस वर्ष राज्य में तमाम मेडिकल कालेजों पर सख्त कार्रवाई करने के साथ ही 637 सीटें बढ़ाने को भी मंजूरी दी है। सहानपुर में एक नये सरकारी मेडिकल कालेज को मंजूरी दी गयी है, जिसमें एमबीबीएस की 100 सीटें हैं। इलाहाबाद मेडिकल कालेज में 100 की मान्यता के विपरीत 150, गोरखपुर में 50 की जगह 100, केजीएमयू लखनऊ में 185 की जगह 250, मेरठ में 100 की जगह 150, झांसी में 50 की जगह 100 और आगरा मेडिकल कालेज में 128 की मान्यता के विपरीत 150 सीटों को मंजूरी दी गयी है। इसी तरह मुजफ्फर नगर मेडिकल कालेज, बरेली के रुहेलखंड मेडिकल कालेज, शारदा विश्वविद्यालय नोएडा के मेडिकल कालेज, लखनऊ के इरा व मुरादाबाद के तीर्थंकर महावीर मेडिकल कालेजों को 100 सीटों की मान्यता के विपरीत सत्र 2015-16 के लिए 150 सीटों की मंजूरी दी गयी है। एमसीआई ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कालेज को दिया कारण बताओ नोटिस वापस भी ले लिया है।

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