Tuesday, 9 August 2016

पॉलीटेक्निक में तैयार होंगे सुपर स्पेशलिस्ट


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-मंडलायुक्तों की अध्यक्षता में हुआ क्षेत्रीय जरूरतों का आकलन
-क्षेत्रवार क्लस्टक बनाकर संचालित होंगे कौशल विकास कार्यक्रम
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राज्य ब्यूरो, लखनऊ : पॉलीटेक्निक संस्थानों को कौशल विकास का बड़ा केंद्र बनाने की तैयारी है। क्षेत्रवार क्लस्टर बनाकर कौशल विकास कार्यक्रम शुरू किये जाएंगे, ताकि वहां 'सुपर स्पेशलिस्ट' तैयार हो सकें।
हाल ही में पॉलीटेक्निक के पाठ्यक्रम में बदलाव व सेमेस्टर प्रणाली लागू करने जैसे फैसले हुए हैं। अब क्षेत्रीय आवश्यकताओं का अध्ययन कर पॉलीटेक्निक को विशिष्ट कौशल विकास केंद्र के रूप में विकसित करने का फैसला हुआ है। प्राविधिक शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव मोनिका एस गर्ग ने बताया कि मंडलायुक्तों की अध्यक्षता में उद्योगों, उच्च शिक्षण संस्थानों व जनता के प्रतिनिधियों के साथ क्षेत्रीय आवश्यकताओं का आकलन कराया गया। हर जिले में एक या दो विशिष्ट (यूनीक) ट्रेड चिह्नित किये गए। प्रदेश में टेक्सटाइल, कम्प्यूटर, आइटी, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रानिक्स, ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग, एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग, लेदर व फुटवियर, एसी मैकेनिक, फूड प्रोसेसिंग एंड प्रिजर्वेशन, केमिकल एवं कांच उद्योगों को कौशल प्रशिक्षण के लिए चिह्नित किया गया है।
गाजीपुर में कृषि पर जोर
कृषि क्षेत्र में पैदावार बढ़ाने के लिए कल्टीवेटर, ट्रैक्टर, ड्रिलर आदि के रख-रखाव की बहुत मांग है। इसको ध्यान में रखते हुए गाजीपुर में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन्हें कृषि अभियंत्रण क्षेत्र में काम करके उपकरणों का रखरखाव करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे उनकी आय के रास्ते खुलेंगे।
कांच तकनीक फीरोजाबाद में
फीरोजाबाद कांच के सामान के लिए प्रसिद्ध है किन्तु विदेश से आयात किये जाने वाले कांच के आकर्षक उत्पादों से हार जाता है। इसे देखते हुए फीरोजाबाद की पॉलीटेक्निक में कांच उद्योगों की नई तकनीक के पाठ्यक्रम चलेंगे। उन्हें आधुनिक परिवेश में ढालने के साथ निर्यात संभावनाओं से भी जोड़ा जाएगा।
कानपुर-आगरा में चर्म प्रशिक्षण
चमड़े के क्षेत्र में कानपुर व आगरा दुनिया भर में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हैं। यहां के पॉलीटेक्निक चर्म उद्योग में आधुनिक तकनीक व डिजाइन संबंधी प्रशिक्षण का केंद्र बनेंगे। वहां जूते, पर्स, बेल्ट, जैकेट आदि के निर्माण में प्रयोग हो रही नकी तकनीक से प्रशिक्षण देकर कुशल कामगार तैयार किये जाएंगे।
वाराणसी-फर्रुखाबाद में वस्त्रोद्योग
बनारसी साडिय़ां दुनिया भर में सूबे का गौरव बढ़ाती हैं। इस योजना में वस्त्र उद्योग में कढ़ाई, बुनाई के साथ डिजाइनर्स का सहयोग लेते हुए वाराणसी व गोरखपुर को विशिष्ट प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें डिजिटल प्रिंटिंग के साथ कपड़ों की प्रोसेसिंग का प्रशिक्षण भी शामिल होगा।
खाद्य पदार्थों पर भी जोर
खाद्य पदार्थों से जुड़े उद्योगों मुरब्बा, अचार, जैम, जेली और चीनी, राइस, दाल व आयल मिलों को कुश कार्यबल के संकट से जूझना पड़ रहा है। इसके लिए लखनऊ, मैनपुरी, लखीमपुर खीरी व बदायूं के पॉलीटेक्निक विशेष प्रशिक्षण केंद्र बनेंगे। यहां उन्हें उत्पादन के साथ गुणवत्ता नियंत्रण व मार्केटिंग का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
फोकस सूचना प्रौद्योगिकी पर
इस पूरे अभियान में सूचना प्रौद्योगिकी, कंप्यूटर, इलेक्ट्रानिक्स व विद्युत उपकरणों में नवीन तकनीक के प्रशिक्षण पर फोकस रहेगा। इसके लिए उन्नाव, औरैया, लखनऊ, आजमगढ़, गाजियाबाद, बस्ती, बहराइच, रायबरेली व जौनपुर के पॉलीटेक्निक चुने गए हैं। कानपुर, गोरखपुर, इटावा एवं महोबा में ऑटोमोबाइल व रेफ्रिजरेटर से जुड़े विशेषज्ञ तैयार किये जाएंगे।

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