Wednesday, 5 October 2016

जल्द मिलेंगे 2099 डॉक्टर, 3286 और की भर्ती शुरू

-दूर होगी सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी
-नयी नियुक्तियों के बाद खुलेगी प्रोन्नति की राह
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राज्य ब्यूरो, लखनऊ: सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी दूर करने की प्रक्रिया शुरू हुई है। स्वास्थ्य विभाग को जल्द ही 2099 डॉक्टर मिलने की उम्मीद है। इनके अलावा 3286 और डॉक्टरों की भर्ती शुरू हो गयी है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला व मंडल स्तरीय अस्पतालों तक डॉक्टरों की कमी बड़ी समस्या रही है। इस समय प्रांतीय चिकित्सा सेवा (पीएमएस) संवर्ग में 16,250 पद सृजित हैं। इसके विपरीत 13,500 डॉक्टर पीएमएस संवर्ग में तैनात हैं। इस बीच प्रदेश में दस हजार बेड क्षमता वाले सौ छोटे-बड़े अस्पताल खोलने प्रस्तावित हैं। इनमें से तमाम तो बन कर तैयार हो चुके हैं। इनमें चिकित्सकों के पद सृजन की प्रक्रिया भी शुरू हो गयी है। पहले से चिकित्सकों की कमी तो है ही, ऊपर से हर साल औसतन 350 डॉक्टर सेवानिवृत्त हो जाते हैं। नयी नियुक्तियां न होने से यह स्थिति सुधरने के स्थान पर बिगड़ती जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने पहले 2099 पदों का अधियाचन राज्य लोक सेवा आयोग के पास भेजा था। लोक सेवा आयोग ने इन सभी पदों पर साक्षात्कार आदि की प्रक्रिया पूरी कर ली है। आयोग ने 30 सितंबर तक चयनित चिकित्सकों की सूची स्वास्थ्य विभाग को सौंपने की बात कही थी, ताकि इनकी नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जा सके। प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) अरुण सिन्हा ने बताया कि 30 सितंबर तक तो वह सूची नहीं मिल सकी है, किन्तु जल्द ही ये 2099 डॉक्टर मिल जाने की उम्मीद है। बड़ी संख्या में चिकित्सक आ जाने के बाद हम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर तक इलाज की स्थितियां मजबूत कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि इन चिकित्सकों के आने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की जरूरतें बनी रहेंगी। उन जरूरतों का आंकलन कर 3286 और डॉक्टरों के लिए अधियाचन राज्य लोक सेवा आयोग को भेजा गया था। आयोग ने उसके लिए भी विज्ञापन जारी कर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन चिकित्सकों की तैनाती के बाद मरीजों के लिए डॉक्टरों की उपलब्धता और सुलभ हो जाएगी। उधर चिकित्सकों की नियुक्ति प्रक्रिया तेज होने से पीएमएस संवर्ग में पहले से तैनात चिकित्सक भी खासे उत्साहित हैं। उनका कहना है कि 2014 के बाद से संवर्ग में प्रोन्नतियां ही नहीं हुई हैं। नए चिकित्सक आने से प्रोन्नति की प्रक्रिया तेज होगी। इससे चिकित्सकों का मनोबल भी बढ़ेगा।
(3/10/2016)

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